कोरोना को लेकर एक अच्छी खबर है। जिले में जनवरी में वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो जाएगा, जिसके लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने का काम भी मंगलवार से शुरू कर दिया गया। वैक्सीन चार चरणों में लगाई जाएगी। पहले चरण में शासकीय अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिक के कर्मचारियों के अलावा आंगनबाड़ी की कर्मचारी शामिल रहेंगी, जिनकी संख्या 6 हजार है। इनमें अस्पतालों के कर्मचारियों की संख्या 5009 है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन लगाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मंगलवार को कलेक्टोरेट में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य सर्वेलेश अधिकारी डॉ. एसएम जोशी ने जानकारी दी कि एसडीएम की अध्यक्षता में विकासखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में मॉनीटरिंग प्रोसेस, सूक्ष्म कार्ययोजना, संचार कार्ययोजना, कोल्ड चैन तथा लाजिस्टिक के संबंध में जरूरी दिशा निर्देश विभागीय अमले को कलेक्टर अजय गुप्ता ने दिए। वैक्सीनेशन टीम, अधिकारी, कर्मचारियों को प्रशिक्षण, सोशल मोबीलाइजेशन, ट्रांसपोर्ट, अंतर विभागीय तथा अंतर सेक्टोरल समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में सीएमएचओ सुधीर डेहरिया, सिविल सर्जन डॉ. आनंद शर्मा, एसडीएम आदित्य जैन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एम चंदेल मौजूद थे।
कोविन एप में देना होगा सारी जानकारी
50 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीकाकरण की कार्ययोजना भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार तैयार की जा रही है। तीसरे चरण के वैक्सीनेशन के लिए हितग्राही को कोविन एप में जानकारी अपलोड करना होगी। इसमें टीके लगने वाले हर व्यक्ति का डाटा अपडेट रहेगा।
250 से अधिक स्टाफ को दिया जाएगा प्रशिक्षण
कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए सीहोर जिले में करीब 250 से अधिक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का काम मंगलवार से शुरू हो गया।
53 आईएलआर और 23 कोल्ड चेन में रहेगी वैक्सीन
वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए 53 आईएलआर (डी फ्रीजर) रहेंगे जिनमें कोरोना वैक्सीन को रखा जाएगा। ये पूरी वैक्सीन कोल्ड चेन में रखी जाएगी। कोल्ड चेन की संख्या 23 है। सीएमएचओ ऑफिस के पास बने भवन में वैक्सीन को रखा जाएगा।
बनाए जाने हैं पाइंट
वैक्सीन को रखने के लिए कितने पाइंट रहेंगे, अभी यह तय नहीं है। जिलेभर में अलग-अलग जगह चिन्हित की जाएगी। इसी तरह वैक्सीन लगाने वाले कर्मचारियों को वैक्सीन कैरियर बेग भी दिए जाएंगे जिनमें चार आईस बाक्स के अंदर वैक्सीन सुरक्षित रहेगी।
पहले चरण में ये चिह्नित
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, डॉक्टर्स, नर्स, टेक्नीशियन, वार्डब्वाय, अन्य कर्मचारी, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, एमपीडब्ल्यू कर्मी, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका पंजीकृत निजी अस्पतालों के कर्मचारियों के अलावा क्लीनिक के डॉक्टर, स्टाफ और संचालकों की जानकारी अपलोड की है।